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काश !परियो का आना-जाना होता …

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काश !परियो का आना-जाना होता …

काश !
मेरे सपनों में भी
किस्सों – कहानियो वाली
परियो का आना – जाना होता …
जो पल भर में
दुनिया की
सैर कराती …
तो कितना अच्छा होता …
तो कितना अच्छा होता …

पर क्या बताये दोस्तों ..
न नींद आती है न सपना ….
परियो की तो बात निराली …….
वो तो कोरी कल्पना है …
जो सुन कर भी सुना सुना लगता है …
जो सुन कर भी सुना सुना लगता है …

पर क्या बताये दोस्तों …
जब भी सुनता हु किस्सा परियो का …
फिर बढने लगती है बेचैनी मन में …
क्या सच में आवागमन होता है .
परियो का …..
क्या सच में आवागमन होता है .
परियो का …..

इसीलिए मन से बार बार …
यही निकल पड़ता है ……..
काश !
मेरे सपनों में भी
किस्सों – कहानियो वाली
परियो का आना – जाना होता …
जो पल भर में
दुनिया की
सैर कराती …
तो कितना अच्छा होता …
तो कितना अच्छा होता …

—– अमरेश बहादुर सिंह —-
Amresh Bahadur Singh

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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

अजय यादव के द्वारा
November 23, 2012

BAHUT SUNDAR …NICE! “यहाँ हर शख्स, हर पल हादसा होने से डरता है , खिलौना है जो मिटटी का फ़ना होने से डरता है , मेरे दिल के किसी कोने में, एक मासूम सा बच्चा , बड़ों की देख कर दुनिया, बड़ा होने से डरता है…….!

    Amresh Bahadur Singh के द्वारा
    November 23, 2012

    अजय जी सबसे पहले आप को इस प्यारे से कमेंट के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ….. अजय जी आपने इन चंद लाइनों में जो भी लिखा है …. वो आज के इस वर्तमान समय में परमसत्य है …. मेरा दिल खुद एक बच्चे की ही तरह है जो … इस बाहरी दुनिया को आज तक नहीं समझ पाया …. बस डर डर के बड़ा हो गया .// ///////

yogi sarswat के द्वारा
November 20, 2012

काश ! मेरे सपनों में भी किस्सों – कहानियो वाली परियो का आना – जाना होता … जो पल भर में दुनिया की सैर कराती … तो कितना अच्छा होता … तो कितना अच्छा होता बहुत मीठे मीठे से शब्द लिखे हैं आपने श्री अमरेश बहादुर जी ! बहुत प्यारे शब्द

    Amresh Bahadur Singh के द्वारा
    November 21, 2012

    योगी जी उससे कही अधिक आप के कमेंट मीठे प्रतीत होते है ……

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
November 18, 2012

achhee prastuti !badhaai !!

    Amresh Bahadur Singh के द्वारा
    November 18, 2012

    आचार्य जी आप के इस उत्साहवर्धन कमेंट के लिए बहुत बहुत धन्यवाद… आप ऐसे ही उत्साहवर्धन करते रहे …….

yatindranathchaturvedi के द्वारा
November 18, 2012

बहुत अच्छा

    Amresh Bahadur Singh के द्वारा
    November 18, 2012

    यतीन्द्रनाथ   जी आप के सराहना के लिए बहुत बहुत धन्यवाद…

seemakanwal के द्वारा
November 17, 2012

इसी काश पे हर चीज़ आकर रुक जाती है . सुन्दर कविता .बधाई

    Amresh Bahadur Singh के द्वारा
    November 18, 2012

    सीमा जी सुन्दर कविता करार देने के लिए आप का लाख लाख शुक्रिया ,,,, ये हर चीज़ काश ! पे आकर क्यों रुक जाती है …. काश ! ऐसा ना होता , तो कितना अच्छा होता ….


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